डेजर्ट हंट-2025 अभ्‍यास: उभरती सुरक्षा चुनौतियों को समर्पित अभ्यास-Facts in Brief

Exercise Desert Hunt exercise facts in brief

डेजर्ट हंट-2025 जो कि भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित किया जाता है, 24 से 28 फरवरी 2025 तक वायु सेना स्टेशन, जोधपुर मे सम्पन्न हुआ। यह एक एकीकृत त्रि-सेवा विशेष बल अभ्यास का आयोजन है जिसका उद्देश्य उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तीन विशेष बल इकाइयों के बीच अंतर-संचालन, समन्वय और सामंजस्‍य को बढ़ाना है। 

डेजर्ट हंट-2025 : हिस्सा लेने वाले विशिष्ट फोर्स 

भारतीय वायु सेना ने 24 से 28 फरवरी 2025 तक वायु सेना स्टेशन, जोधपुर में डेजर्ट हंट-2025 नामक एक एकीकृत त्रि-सेवा विशेष बल अभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास में भारतीय सेना के विशिष्ट पैरा (विशेष बल), भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और भारतीय वायु सेना के गरुड़ (विशेष बल) ने एक कृत्रिम युद्ध वातावरण में एक साथ भागीदारी की।

डेजर्ट हंट-2025 : उद्देश्य 

इस जबरदस्‍त-तीव्रता वाले अभ्यास का उद्देश्य उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तीन विशेष बल इकाइयों के बीच अंतर-संचालन, समन्वय और सामंजस्‍य को बढ़ाना था। अभ्यास में हवाई संचालन, सटीक हमले, बंधक बचाव, आतंकवाद विरोधी अभियान, युद्ध मुक्त पतन और शहरी युद्ध परिदृश्य शामिल थे, जिसमें यथार्थवादी परिस्थितियों में बलों की युद्ध तत्परता का परखा गया।

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त सिद्धांतों को मान्यता देते हुए अभ्यास की निगरानी के साथ-साथ निर्बाध अंतर-सेवा सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को बढ़ावा देने के‍ लिए एक मंच भी प्रदान किया।

GT vs RCB :अरशद खान ने किया किंग कोहली को आउट

 


गुजरात टाइटन और रॉयल चैलिन्जर बेंगलुरू के मैच में सबसे सनसनीखेज रहा अरशद खान द्वारा लिया गया विराट कोहली का विकेट। गुजरात टाइटन और रॉयल चैलिन्जर बेंगलुरू के हाई प्रोफ़ाइल मैच मे  दौरान  अरशद खान ने अपने पहले ही ओवर और पारी के दूसरे ओवर में विराट कोहली का बेशकीमती विकेट चटकाकर अपनी काबिलियत साबित की। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान ने जब  कोहली को डीप स्क्वायर लेग पर प्रसिद्ध कृष्णा ने कैच करवाया तब कोहली मात्र 7 रन बना पाए थे। 

आइए जानते हैं अरशद खान के बारे में जिनका जन्म 20 दिसंबर, 1997 को गोपालगंज (सिवनी), मध्य प्रदेश में हुआ था। मुंबई इंडियंस (MI) की स्काउटिंग टीम ने अरशद खान की प्रतिभा को पहचाना और उन्हे एक मौका दिया। हालांकि आज के मैच मे जिस तरह से खान ने विराट कोहली को आउट किया, निश्चित हीं उन्होंने साबित कर दिया ही गुजरात टाइटन्स  ने उन्हे चुनकर कोई गलती नहीं किया। 

उल्लेखनीय है कि उन्हें 2022 की आईपीएल नीलामी में MI ने 20 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन दुर्भाग्य से चोट के कारण बाहर हो गए। 

इसके पहले खान लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के साथ भी जुड़े थे।   गुजरात टाइटन्स ने  2025 की आईपीएल के लिए उन्हें 1.3 करोड़ रुपये में खरीदा।

आईपीएल करियर

 अरशद खान ने आईपीएल में अब तक कुल 12 मुकाबलों में हिस्सा लिया है जिसमें उन्होंने 8 पारियों में 145.71 के शानदार स्ट्राइक रेट से 102 रन बनाए हैं। इन मैचों में उन्होंने 7 विकेट अपने नाम किये। एक अर्धशतकीय पारी भी अरशद खान के बल्ले से देखने को मिली है जहां  नाबाद 58 उनका बेस्ट स्कोर है।

अरशद खान ने अभी तक 12 आईपीएल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 8 पारियों में 145.71 के शानदार स्ट्राइक रेट से 102 रन बनाए हैं।



Daily GK Current Affairs: मन की बात के कार्यक्रम पर आधारित MCQ Quiz, व्याख्या के साथ


संकलन: शिवम द्वारा 

Mann Ki Baat:  मन की बात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भारतीय रेडियो कार्यक्रम है जिसमें वे ऑल इंडिया रेडियो, डीडी नेशनल और डीडी न्यूज़ पर भारतीयों को संबोधित करते हैं। 3 अक्टूबर 2014 को कार्यक्रम का पहला शो प्रसारित हुआ जो आज दुनिया मे अपना इतिहास बना चुका है। इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी हैं जिसके माध्यम से वह  देश के नागरिकों के साथ बातचीत करते हैं और उनकी सोच, दृष्टिकोण और राष्ट्र के मुद्दों पर विचारों को साझा करते हैं।यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं. हम यहाँ पर लाएं हैं आपके लिए मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेखित विभिन्न पर्सनलिटी और स्थान पर आधारित GK Quiz जो प्रतियोगिता परीक्षा कि तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए खास रूप से तैयार किया गया है। 


गडग जिला का संबंधी किस राज्य से है? 

  • कर्नाटका के गडग जिले के लोगों ने भी मिसाल कायम की है। कुछ साल पहले यहाँ के दो गाँव की झीलें पूरी तरह सूख गईं। एक समय ऐसा भी आया जब वहाँ पशुओं के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा। 
  • धीरे-धीरे झील घास-फूस और झाड़ियों से भर गई। लेकिन गाँव के कुछ लोगों ने झील को पुनर्जीवित करने का फैसला किया और काम में जुट गए। 


Fit India Carnival

दिल्ली में एक और भव्य आयोजन ने लोगों को बहुत प्रेरणा दी है, जोश से भर दिया है। एक Innovative Idea के रूप में पहली बार Fit India Carnival का आयोजन किया गया। 

Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड) 

 मशहूर Rapper Hanumankind (हनुमान काइन्ड) का नया Song “Run It Up” काफी Famous हो रहा है। इसमें कलारिपयट्टू, गतका और थांग-ता जैसी हमारी पारंपरिक Martial Arts को शामिल किया गया है। 

फगवा चौताल का संबंध किस राज्य से है?

यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है।  ये गीत और संगीत हर किसी में जोश भर देता है। यह फ़िजी का बहुत ही लोकप्रिय ‘फगवा चौताल’ है। 

Singapore Indian Fine Arts Society

यह एक संगठन है जो वर्षों से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। भारतीय नृत्य, संगीत और संस्कृति को संरक्षित करने में जुटे इस संगठन ने अपने गौरवशाली 75 साल पूरे किए हैं।

Textile waste

Textile waste से निपटने में कुछ शहर भी अपनी नई पहचान बना रहे हैं। हरियाणा का पानीपत textile recycling के global hub के रूप में उभर रहा है।

  • बेंगलुरू भी Innovative Tech Solutions से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। यहाँ आधे से ज्यादा Textile waste को जमा किया जाता है, जो हमारे दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल है। 
  • इसी प्रकार तमिलनाडु का Tirupur Waste Water Treatment  और renewable energy के माध्यम से textile waste management में जुटा हुआ है।


2025 के योग दिवस का थीम क्या है?

साल 2025 के योग दिवस की theme रखी गई है, ‘Yoga for One Earth One Health’. यानि हम योग के जरिए पूरे विश्व को स्वस्थ बनाने की कामना करते हैं।

Somos India 

 Somos India नाम की team जिसके बारे मे प्रधान मंत्री ने चर्चा किया।  Spanish में इसका अर्थ है - We are India. यह टीम करीब एक दशक से योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने में जुटी है। उनका focus treatment के साथ-साथ educational programmes पर भी है। वे आयुर्वेद और योग से संबंधित जानकारियों को Spanish language में translate भी करवा रहे हैं। 

महुआ के फूल

  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में महुआ के फूल से cookies बनाए जा रहे हैं। 
  • राजाखोह गांव की चार बहनों के प्रयास से ये cookies बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन महिलाओं का जज्बा देखकर एक बड़ी company ने इन्हें factory में काम करने की training दी।
  •  तेलंगना के आदिलाबाद जिले में भी दो बहनों ने महुआ के फूलों से नया experiment किया है। वो इनसे तरह-तरह के पकवान बनाती हैं, जिन्हें लोग बहुत पसंद करते हैं। 


कृष्ण कमल

  • कृष्ण कमल एक शानदार फूल है जो गुजरात मे पाया जाता है। 
  •  गुजरात के एकता नगर में Statue of Unity के आसपास आपको ये कृष्ण कमल बड़ी संख्या में दिखेंगें।
  •  ये कृष्ण कमल एकता नगर के आरोग्य वन, एकता नर्सरी, विश्व वन और Miyawaki forest में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। 


  •  श्री अब्दुल्ला अल-बारुन ने रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद किया है का संबंध किस देश से है- कुवैत
  • एरलिंदा गार्सिआ (Erlinda Garcia) जो  युवाओं को भरतनाट्यम सिखा रही हैं और मारिया वालदेस (Maria Valdez) ओडिसी नृत्य का प्रशिक्षण दे रही हैं, उनका संबंधी किस देश से है- पेरू 

Deer Women के नाम से किसे बुलाया जाता है?

  • अनुराधा राव, अंडमान निकोबार-अनुराधा राव, अंडमान निकोबार का नाता अंडमान निकोबार आइलैंड से रहा है। अनुराधा जी ने कम उम्र में ही Animal Welfare के लिए खुद को समर्पित कर दिया था। तीन दशकों से उन्होंने हिरण और मोर की रक्षा को अपना mission बनाया। यहां के लोग तो उन्हें ‘Deer Woman’ के नाम से बुलाते हैं। 

कार्थुम्बी छाता का संबंधी किस राज्य से है-केरल 

  • कार्थुम्बी छाते’ को  तैयार किया जाता है केरला के अट्टापडी में  इन छातों को ‘वट्टालक्की सहकारी कृषि सोसाइटी’ की देखरेख में बनाया जाता है।

किस देश सरकार ने अपने National Radio पर हिन्दी मे एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया?-कुवैत 


किस देश ने  गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी  को सम्मान  दिया है? 

  • तुर्कमेनिस्तान

तुर्कमेनिस्तान में इस साल मई में वहाँ के राष्ट्रीय कवि की 300वीं जन्म-जयंती मनाई गई। इस अवसर पर तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति ने दुनिया के 24 प्रसिद्ध कवियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इनमें से एक प्रतिमा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की भी है। ये गुरुदेव का सम्मान है, भारत का सम्मान है।

Araku coffee का संबंध किस राज्य से है?

  • आंध्र प्रदेश 
  •  ये अपने rich flavor और aroma के लिए जानी जाती है।

कब्बन पार्क का संबंधी किस शहर से है- बेंगलुरू 

बेंगलुरू में एक पार्क है- कब्बन पार्क ! इस पार्क में यहाँ के लोगों ने एक नई परंपरा शुरू की है। यहाँ हफ्ते में एक दिन, हर रविवार बच्चे, युवा और बुजुर्ग आपस में संस्कृत में बात करते हैं। इतना ही नहीं, यहाँ वाद- विवाद के कई session भी संस्कृत में ही आयोजित किए जाते हैं। इनकी इस पहल का नाम है – संस्कृत weekend ! इसकी शुरुआत एक website के जरिए समष्टि गुब्बी जी ने की है। 

  • 30 जून को आकाशवाणी का संस्कृत बुलेटिन अपने प्रसारण के 50 साल पूरे कर रहा है। 

Firefly
  •  एक भारतीय space-tech start-up बेंगलुरू के Pixxel (पिक्सेल) ने भारत का पहला निजी satellite constellation – ‘Firefly’ (फायर-फ्लाई), सफलतापूर्वक launch किया है।

‘चिटे लुई’-मिज़ोरम 

  • मिज़ोरम की राजधानी आइजवाल में एक खूबसूरत नदी है ‘चिटे लुई’, जो बरसों की उपेक्षा के चलते, गंदगी और कचरे के ढेर में बदल गई |
  •  पिछले कुछ वर्षों में इस नदी को बचाने के लिए प्रयास शुरू हुए हैं |
  •  इसके लिए स्थानीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग, मिलकर, save चिटे लुई action plan भी चला रहे हैं | 

Spacde Docking  करने वाला चौथा देश बना भारत 

  • जब अंतरिक्ष में दो spacecraft connect किए जाते हैं, तो, इस प्रक्रिया को Space Docking कहते हैं।
  • यह तकनीक अंतरिक्ष में space station तक supply भेजने और crew mission के लिए अहम है।
  •  भारत ऐसा चौथा देश बना है, जिसने ये सफलता हासिल की है।

Point of View : सोशल मीडिया के दौर मे दुनिया जुड़ें, लेकिन अपनी जड़ों से कटकर नहीं

Point of View : सोशल मीडिया के दौर मे दुनिया जुड़ें, लेकिन अपनी जड़ों से कटकर नहीं

Point of View : कहने की जरूरत नहीं है कि आज के समय मे सोशल मीडिया कई मायनों में एक शक्तिशाली उपकरण है और इसके बगैर हमारी दुनिया की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सोशल मीडिया ने दुनिया को नया आयाम दिया है और सच्चाई तो यह है कि  ऐसी दुनिया की कल्पना करना भी कठिन है जहाँ इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर मौजूद न हों और हमारे फैन और फालोअर की संख्या पर भी हमारी प्रसिद्धि और स्टैटस जानी जाती है।  याद रखें कि सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन और लाइफस्टाइल ब्लॉगर्स को दिखाने और दोस्तों से जुड़ने के लिए ही नहीं है बल्कि आज हमारी युवा पीढ़ी का पूरा करियर भी इन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित है और और अपडेट रखने का माध्यम भी। 

आज के दौड़ मे जहां लोगों को अपने जीवन मे भागदौड़ और जीने की जद्दोजहद मे तनाव और मानसिक थकान आम बात हो चुकी है, खुशी और प्रसन्नता को निश्चय ही व्यापक और विश्व स्तर पर मनाए जाने की जरूरत है। यह दिन जीवन में खुशी के महत्व को पहचानने और दुनिया भर के लोगों के कल्याण को बढ़ावा देने का एक अवसर है जिसका इस्तेमाल हमें अपने बीते हुए कल से अच्छा और आने वाले कल को बेहतर मनाने का मौका जरूर मिलता है। 

देखें विडिओ: सोशल मीडिया का सकारात्मक तरीके से उपयोग कैसे करें




हालाँकि, हाल ही में लोगों ने सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध भी स्थापित किए हैं, खासकर युवा लोगों में। ऐसे समय में, जब स्क्रीन और  सोशल मीडिया पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है और व्यतीत किया हुआ समय बढ़ रहा है,  यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हम सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक और जिम्मेदारी से करें और अपनों से कटकर नहीं रहने क्योंकि उनके बगैर हमारी आज  और कल की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। 

दुनिया  से जुड़े पर अपनों से दूर 

आज के दौर मे जहां हम सोशल मीडिया और मोबाईल फोन जैसे अत्याधुनिक संसाधनों के साथ रहते हुए भी खुशी और अपने लोगों के प्रेम को भूल चुके हैं, अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस हमें याद दिलाता है कि खुशी हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हमें हर दिन खुशी के क्षणों को खोजने और उन्हें संजोने का प्रयास करना चाहिए। सच्चाई तो यह है कि सोशल मीडिया के इस युग मे हम चाहे दुनिया से भले हीं 

कनेक्ट हो गए हैं, लेकिन अपने माता-पिता और भाई बहन से काफी दूर हो गए हैं जो की प्रसन्नता और खुशी के लिए सबसे प्रभावी  और सस्ता श्रोत हैं। 

हेनरी डेविड थोरो ने जीवन के लिए खुशी को लेकर  व्याख्या करते हुए क्या खूब कहा है कि  "खुशी एक तितली की तरह है, जिसे आप जितना अधिक पीछा करते हैं, वह उतनी ही दूर रहेगी, लेकिन अगर आप अपना ध्यान दूसरी चीजों पर केंद्रित करते हैं, तो यह आएगी और धीरे से आपके कंधे पर बैठ जाएगी।" 

अक्सर हम कहते हैं की "संतोषम परम सुखम" लेकिन खुद पर जब इसका प्रयोग करना होता है तो हम भूल सा जाते हैं।  इस संदर्भ मे अज्ञात के इस कथन को हमेशा याद रखें-"खुशी का रहस्य यह नहीं है कि हमेशा अधिक पाने की कोशिश करें, बल्कि जो आपके पास है उसका आनंद लेना है।" 

नकारात्मक पहलुओं ने हमेशा से लोगों के खुशी को उनसे छीना है और इसके लिए यह जरूरी था की लोगों के बीच सकरात्मकता फैलाई जाए। यह दिन सकारात्मकता और आशावाद को बढ़ावा देता है, जो व्यक्तियों और समुदायों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देना भी प्रमुख उदेश्य है ताकि इसके माध्यम से दुनिया भर के लोगों के कल्याण को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डालकर उनके जीवन में अच्छाई और उजाले को शामिल किया जाए। 

खुशी के संदर्भ मे राल्फ वाल्डो इमर्सन की उस उक्ति को अवश्य याद रखें जिसमें उन्होंने कहा है कि -"खुशी कोई मंजिल नहीं है, यह एक यात्रा है।" जीवन मे प्रसन्नता और खुशी को लेकर महात्मा  गांधी का यह कथन लाजवाब और सटीक है कि -"खुशी वह है जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, वह सामंजस्य में होता है" 


Point Of View: सपने सभी देखते हैं, लेकिन धैर्य रखने वाले ही सपनों को हकीकत में बदलते हैं


Point Of View: 
मुश्किल और विपरीत परिस्थितियों मे अधीर हो जाना और धैर्य खोना एक सामान्य स्वभाव है और इससे हम अलग नहीं है। लेकिन यह भी एक साथ है कि धैर्य से अधिक मजबूत और कोई ताकत नहीं है और इसकी विशालता का अंदाज इससे हीं लगाया जा सकता है कि  यह हर तूफान को शांत कर सकता है।
धैर्य का जीवन में एक गहरा महत्व है और जीवन मे  सफलता के लिए यह सबसे जरूरी शर्त भी है। विश्वास करें, धैर्य हीं वह कुंजी है जिसके माध्यम से हम  असंभव के किसी भी दरवाजों को खोलने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह हमें कठिन परिस्थितियों में स्थिर रहने और सफलता की ओर अग्रसर रहने में सहायता करता है। 

जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम के अलावा भी हमें धैर्य और आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। आपका इस तथ्य को समझना होगा कि आजकल के कठिन और कम्पेटिटिव माहौल मे जहां सफलता आसान नहीं रहा गया है, हमें धैर्य और आत्मविश्वास को अपनाने कि नितांत जरूरत हैं। विंस्टन चर्चिल के उस कथन को आप हमेशा याद रखें जिसमें उन्होंने कहता था कि-"हार मत मानो। हारने वाले ही हारते हैं।"

धैर्य वह है जो हमें चुनौतियों का सामना करने और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है, भले ही परिणाम तुरंत न मिलें। यह हमें हार न मानने और प्रयास करते रहने की शक्ति प्रदान करता है। वहीं आत्मविश्वास हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने में मदद करता है। यह हमें जोखिम लेने और नए अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है।



 याद रखें तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हम अपने लाइफ में सफल हो सकते हैं और इसके लिए सबसे जरुरी फैक्टर हैं  आपके अंदर आत्मविश्वास और धैर्य का होना.

धैर्य का अर्थ हीं है अपने संघर्ष और लड़ाई मे हर परिस्थिति को स्वीकार करना और सही समय का इंतजार करना। क्योंकि किसी भी विपत्ति और असामान्य परिस्थिति मे हमारी व्यग्रता और उतावलापन हमारे द्वारा होने वाली गलतियों की संभावना को बढ़ायेगा जोकि हमारी लंबे लड़ाई को और भी कमजोर करती है। 

आप विश्वास कीजिए जिनके पास आत्मविश्वास है वह इन विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सफलता का मार्ग लेते हैं और इसके लिए सबसे जरूरी है  सकारात्मक और पॉजिटिविटी का होना.

दोस्तों विपरीत परिस्थितियों में सफलता प्राप्त करने के लिए धैर्य  का होना बहुत जरूरी है पर यह याद रखें यह आपको अपने अंदर ही विकसित करनी होगी.  

किसी कवि की ये पंक्तियाँ आप को विपरीत परिस्थितियों में लड़ने में सार्थंक हो सकती है. 
वह पथ क्या पथिक परीक्षा क्या
जिस पथ में बिखरे शूल ना हो
नाविक की धैर्य परीक्षा क्या 
यदि धाराएं प्रतिकूल ना हो. 


आप इतिहास के तमाम महापुरुषों की जीवन वृतांत को देखें तो यह साबित हो जाएगा की रातों-रात सफलता किसी को नहीं मिलती और यह भी उतना ही बड़ा सच है कि जिसने जितनी बड़ी सफलता हासिल किया है उसके मार्ग पर प्रकृति ने उतने ही कांटे और फूल बिछा कर रखे थे ऐसा नहीं है कि वे महापुरुषों और उन बाधाओं को देख अपने कदम वापस खींच लिए. 




तू रुख हवाओं का मोड़ दे,
हिम्मत की अपनी कलम उठा,
लोगों के भरम को तोड़ दे।
-नरेंद्र वर्मा

किसी भी कार्य को करने के बहुत सारे तरीके हो सकते हैं. और आपको भी अपने लिए तरीकों को चुनने की पूरी आजादी है. लेकिन यह याद रहें दोस्तों . अपने चुने गए तरीकों को जस्टिफाई करना भी आपको ही होगा. हाँ इसके लिए आप सफल महापुरुषों के अनुभवो और बताये गए रास्तों को आधार बना सकते हैं. 

विख्यात कवि/ साहित्यकार की उस कथन को याद करों दोस्तों..."महाशक्तियों के वेग में रोड़े अटकाने से उनके वेग कम नहीं होता बल्कि वो दुगुने वेग से आगे बढ़ती है." दोस्तों अब फैसला आपको करना है कि आप खुद का तुलना किसी मामूली शक्ति करते हैं या किसी महाशक्ति. अगर उत्तर महाशक्ति में है तो फिर याद रखें.आप इन बाधाओं को पार करने और निकलने के लिए दुगुने वेग से प्रयास करने वालों में से हैं. 
अक्सर ऐसा होता है कि अपनी राहों में मिलने वाले थोड़ी से चुनौतियों को हम बाधा का नाम देकर उससे परेशान हो जाते हैं कि हम खुद को परिस्थति के आगे विवश और लाचार समझने लगते हैं. पता नहीं हमें ऐसा क्यों लगता है कि परिस्थितियों का हमेशा हमारे पक्ष में हीं होनी चाहिए.

लेकिन क्या यह सच नहीं है दोस्तों कि परिस्थितियों हमेशा हमारे अनुकूल रहे हैं ऐसा नहीं करना चाहिए आखिर यह संसार सिर्फ हमारे लिए हीं तो नहीं बनी है. 

दोस्तों आपको आश्चर्य होगा के हम जिन बाधाओं और परिस्थितियों को अपनी सफलता के मार्ग का सबसे बाड़ा बाधा बताते हैं. सच्चाई तो यह है कि हम अपनी सफलता के मार्ग का बाधा खुद होते हैं. 

हमारी नेगेटिव सोच और खुद का अंदर पैदा किया गया नकारात्मक माइंडसेट प्रमुख बाधा होती है हमारी असफलता के पीछे….लेकिन हम दोष देते हैं उन परिस्थितियों और बाधाओं को. 
प्रमुख कोट्स:
  • "धैर्य ही शक्ति है। शांत रहकर आप किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकते हैं।" - महात्मा गांधी
  • "आत्मविश्वास सफलता की पहली कुंजी है।" - स्वामी विवेकानंद
  • "अगर आप खुद पर विश्वास करते हैं, तो आप कुछ भी कर सकते हैं।" - अननोद मॉरिल
  • "धैर्यवान व्यक्ति ही विजेता होता है।" - विलियम आर्थर वॉर्ड
  • "हार मत मानो। हारने वाले ही हारते हैं।" - विनस्टन चर्चिल
  • "धैर्य वह कुंजी है जो असंभव दरवाजों को भी खोल सकती है।"
  • "हर बड़ी उपलब्धि के पीछे धैर्य और निरंतर प्रयास छिपे होते हैं।"
  • "धैर्य रखने वालों को उनके सपने जरूर मिलते हैं, बस सही समय पर।"
  • "धैर्य का अर्थ है परिस्थिति को स्वीकार करना और सही समय का इंतजार करना।"
  • "जल्दी में सब कुछ खो सकता है, लेकिन धैर्य से हर चीज जीती जा सकती है।"
  • "धैर्य से अधिक मजबूत और कोई ताकत नहीं है। यह हर तूफान को शांत कर सकता है।"
  • "कठिन समय में धैर्यवान रहना, सच्ची ताकत का प्रतीक है।"
  • "एक बूँद की तरह गिरते रहो, समय आने पर पत्थर भी कट जाएगा।"
  • "धैर्य वह जड़ है, जिससे सफलता का वृक्ष फलता-फूलता है।"
  • "सपने देखने वाले कई होते हैं, लेकिन धैर्य रखने वाले ही अपने सपनों को हकीकत में बदलते हैं।"

तंपारा झील ओडिशा: पक्षियों की 60, मछलियों की 46 और फाइटोप्लांकटन की 48 प्रजातियों से पूर्ण, जाने खासियत

Tampara Lake freshwater lakes Odisha Facts In Brief

तंपारा झील, ओडिशा  राज्य के गंजाम जिले में स्थित एक खूबसूरत और शांत जलाशय है जो वहाँ के  प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। तंपारा झील एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप मे विख्यात है और अपनी सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। पर्यटक यहाँ बोटिंग और वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त यह अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है क्योंकि झील के आसपास कई प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं, जो इसे बर्ड वॉचिंग के लिए एक बेहतरीन स्थान बनाते हैं।तम्पारा झील पक्षी प्रेमियों के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यहां प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की कई प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं।

यह झील पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। यह स्थल प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और उन सभी के लिए आकर्षण का केंद्र है जो शांति और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं। यहां का शांत वातावरण और सुंदर परिदृश्य मन को शांति और सुकून प्रदान करते हैं।
तंपारा झील एक मीठे पानी की झील है जो लगभग 300 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है. यह ओडिशा राज्य की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है जो राज्य की खूबसूरत झीलों मे से एक है। यह आर्द्रभूमि दुर्लभ प्रजातियों जैसे कि साइप्रिनस कार्पियो, कॉमन पोचार्ड (अथ्या फेरिना), और रिवर टर्न (स्टर्ना औरंतिया) के लिए एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है।

 यह रुशिकुल्या नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है जो एक प्राकृतिक स्थल होने के साथ ही यह महत्वपूर्ण पक्षी विहार और एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैतंपारा झील एक महत्वपूर्ण पक्षी विहार है और यहां पर कई प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं. यह झील एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है और यहां पर लोग तैराकी, बोटिंग और मछली पकड़ने का आनंद लेते हैं. झील के किनारे पर कई होटल और रेस्तरां हैं, जहां पर लोग भोजन और आराम कर सकते हैं.

तंपारा झील: 
भारत में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्‍थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि शामिल हो गई हैं। रामसर स्थलों के रूप में नामित 11 आर्द्रभूमियों में से  ओडिशा स्थित तंपारा झील भी शामिल है. 

तंपारा झील: Facts in Brief 

तंपारा झील गंजम जिले में स्थित ओडिशा राज्य की सबसे प्रमुख मीठे पानी की झीलों में से एक है। यहां की भूमि का क्षेत्र धीरे-धीरे वर्षा जल के प्रवाह से भर गया और इसे अंग्रेजों द्वारा "टैम्प" कहा गया और बाद में स्थानीय लोगों द्वारा इसे "तंपारा" कहा गया।

आर्द्रभूमि पक्षियों की कम से कम 60 प्रजातियों, मछलियों की 46 प्रजातियों, फाइटोप्लांकटन की कम से कम 48 प्रजातियों और स्थलीय पौधों और मैक्रोफाइट्स की सात से अधिक प्रजातियों का पालन करती है। 

तंपारा झील एक महत्वपूर्ण पक्षी विहार है. यहां पर कई प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सारस
  • बगुला
  • हंस
  • कबूतर
  • तोता
  • मैना
  • कोयल
  • मोर
  • चकवा
  • बतख

आर्द्रभूमि दुर्लभ प्रजातियों जैसे कि साइप्रिनस कार्पियो, कॉमन पोचार्ड (अथ्या फेरिना), और रिवर टर्न (स्टर्ना औरंतिया) के लिए एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है। प्रति वर्ष 12 टन की अनुमानित औसत मछली उपज के साथ, आर्द्रभूमि स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

 यह आर्द्रभूमि मछलियों के साथ-साथ कृषि और घरेलू उपयोग के लिए पानी जैसे प्रावधान की सेवाएं भी उपलब्‍ध कराती है और यह एक प्रसिद्ध पर्यटन और मनोरंजन स्थल भी है।

तम्पारा  झील: जाने क्या है खासियत? 

तम्पारा  एक मीठे पानी की झील है जो राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या  5 के निकट (छत्रपुर से) सुंदर में स्थित है. तंपारा झील की सबसे बड़ी खासियत है कि इसके  किनारे पर हल्की लहरें उठती हैं और या वाटर सम्बंधित गतिविधियों के लिए शानदार डेस्टिनेशन है,तट के किनारे स्थित काजू के बागानों से होकर बंगाल की खाड़ी के अविर्जिन समुद्र तट तक जाने वाली रोमांचक यात्रा का आनंद भी आप उठा सकते हैं. 

FAQ

पर्यटकों के लिए तम्पारा पहुँचने के लिए किस प्रकार के मार्ग उपलब्ध है?

हवाई जहाज

अगर आप हवाईजहाज से जाना चाहते हैं तो निकटतम हवाई अड्डा भुवनेश्वर है.

 ट्रेन से

अगर आप ट्रेन से तम्पारा पहुंचना चाहते हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन छत्रपुर है. 

सड़क द्वारा 

यह झील ओडिशा के छत्रपुर शहर के पास स्थित है और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-16) से आसानी से पहुँचा जा सकता है। अगर आप सड़क द्वारा जाना चाहते हैं तो सड़क मार्ग से यह छत्रपुर से 4 किमी दूर है. 

Amazon-Flipkart के गोदामों पर छापा: नकली आईएसआई लेबल वाले 3,500 से अधिक उत्पाद जब्त

 

Amazon-Flipkart raid goods seized raid by BIS

भारतीय राष्ट्रीय मानक निकाय, भारतीय मानक ब्यूरो की दिल्ली शाखा ने दिल्ली के मोहन कोऑपरेटिव औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अमेज़न सेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदामों में तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह अभियान 15 घंटे से अधिक समय तक चला और बिना आईएसआई मार्क वाले और नकली आईएसआई लेबल वाले 3,500 से अधिक उत्पाद जब्त किए गए। जब्त किए गए उत्पादों जैसे गीजर, फूड मिक्सर और अन्य बिजली के उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये है।

दिल्ली के त्रिनगर में स्थित फ्लिपकार्ट की सहायक कंपनी इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर की गई एक अन्य छापेमारी में बिना आईएसआई मार्क और निर्माण की तारीख के डिस्पैच के लिए पैक किए गए स्पोर्ट्स फुटवियर का स्टॉक बरामद हुआ। इस कार्रवाई के दौरान करीब 6 लाख रुपये की कीमत के करीब 590 जोड़ी स्पोर्ट्स फुटवियर जब्त किए गए।

पिछले एक महीने में, बीआईएस टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह की कार्रवाई की है और दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, लखनऊ और श्रीपेरंबदूर में कई घटिया सामान जब्त किए हैं। ये छापे उपभोक्ता संरक्षण के लिए गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को लागू करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं। वर्तमान में विभिन्न नियामकों और भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों द्वारा अनिवार्य प्रमाणन के लिए 769 उत्पाद अधिसूचित हैं। बीआईएस से वैध लाइसेंस या अनुपालन प्रमाणपत्र (सीओसी) के बिना इन उत्पादों का निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री, किराए पर लेना, पट्टे पर देना, भंडारण या प्रदर्शन (बिक्री के लिए) करना प्रतिबंधित है।

कोई भी व्यक्ति जो इस आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 29 की उपधारा (3) के अंतर्गत कारावास, जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा। (Source: PIB)

Yogi Adityanath Biopic: अजेय- द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ ए योगी पहला लुक जारी


योगी आदित्यनाथ के प्रेरक परिवर्तन और उनके जीवन के पहलुओं को समेटे हुए लाजवाब फिल्म अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ ए योगी का पहला लुक जारी किया है। यह मूवी शांतनु गुप्ता की बेस्टसेलिंग किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ से प्रेरित  है। सम्राट सिनेमैटिक्स द्वारा निर्मित यह फिल्म पोस्टर योगी आदित्यनाथ के प्रेरक परिवर्तन की एक झलक पेश करता है, जो उनके आध्यात्मिक और राजनीतिक मार्ग को आकार देने वाले फैसलों को दिखाता है।

 किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ से प्रेरित 

मूवी उनके जीवन के पहलुओं को समेटे हुए है। उनके शुरुआती साल, नाथपंथी योगी के रूप में संन्यास लेने का उनका निर्णय और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप देने वाले नेता के रूप में उनका विकास। सम्राट सिनेमैटिक्स के बैनर तले ऋतु मेंगी द्वारा निर्मित और रवींद्र गौतम (महारानी 2 फेम) द्वारा निर्देशित यह मूवी शांतनु गुप्ता की बेस्टसेलिंग किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ से प्रेरित  है। इसमें ड्रामा, इमोशन, एक्शन और बलिदान का एक रोमांचक मिश्रण देखने को मिलेगा।

 मूवी में अनंत जोशी ने योगी आदित्यनाथ की भूमिका निभाई है, जबकि फिल्म में परेश रावल, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, अजय मेंगी, पवन मल्होत्रा, राजेश खट्टर, गरिमा सिंह ने भी दमदार अभिनय किया है। 2025 में दुनिया भर में भव्य रिलीज के लिए तैयार फिल्म हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खीचेगी। फिल्म का संगीत मीट ब्रदर्स द्वारा दिया गया है, लेखन दिलीप बच्चन झा और प्रियंक दुबे ने किया है। निर्देशक फोटोग्राफी विष्णु राव एवं प्रोडक्शन डिज़ाइनर उदय प्रकाश सिंह हैं।

योगी आदित्यनाथ का जीवन चुनौतियों और परिवर्तन से भरा 

सम्राट सिनेमैटिक्स की निर्माता रितु मेंगी ने कहा, “योगी आदित्यनाथ का जीवन चुनौतियों और परिवर्तन से भरा है। हमारी फिल्म उनके सफर को आकर्षक और नाटकीय तरीके से पेश करती है, और उन घटनाओं को जीवंत करती है जिन्होंने उन्हें आकार दिया। कलाकारों की शानदार टोली और एक मनोरंजक कहानी के साथ, हम इस प्रेरणादायक कहानी को दुनिया भर के दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हैं।”

उत्तराखंड के एक सुदूर गांव से शुरू है कहानी 

निर्देशक रवींद्र गौतम ने कहा, “हमारी फिल्म हमारे देश के युवाओं के लिए अविश्वसनीय रूप से प्रेरणादायक है, जो उत्तराखंड के एक सुदूर गांव के एक साधारण मध्यमवर्गीय लड़के को चित्रित करती है, जो भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य का मुख्यमंत्री बन जाता है। उनकी यात्रा दृढ़ संकल्प, निस्वार्थता, विश्वास और नेतृत्व की है, और हमने एक ऐसा अनुभव बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है जो उनके अविश्वसनीय जीवन के साथ न्याय करता है।”


 

Chaitra Navratri 2025: माँ अम्बे की आरती


Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र इस वर्ष 30 मार्च से शुरू हो रहा है जो खासतौर पर मां दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है। नवरात्र इस दौरान लोग मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं और कठिन व्रत का पालन करते हैं। भगवान की आरती  उतरना हम सभी बचपन मे हीं अपने घरों से सीखते हैं। शायद ही कोई ऐसा हिन्दू घर होगा जहां पूजा पाठ के दौरान बच्चा आरती से रु बरु नहीं होता है। आरती के दौरान हमेशा खड़ा हो जाना और अंत मे दीपक के लौ को अपने बाल पर लगाना और फिर भगवान का आशीर्वाद लेना हम अपने घरों से हीं सीखते हैं। आरती के दौरान भक्तगन आरती मे जलते दीपक की लौ को देवता के समस्त अंग-प्रत्यंग में बार-बार इस प्रकार घुमाया जाता है कि  हम सभी भक्तगण आरती के प्रकाश में भगवान के चमकते हुए आभूषण और अंगों का प्रत्‍यक्ष दर्शन कर सकें और संपूर्ण आनंद को प्राप्‍त कर सकें।

माँ अम्बे की आरती 

ॐ जय अम्बे गौरी…

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।

रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।

सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।

कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।

धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।

मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।

आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों ।

बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,

भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


भुजा चार अति शोभित, खडग खप्पर धारी ।

मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।

श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नर गावे ।

कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥

ॐ जय अम्बे गौरी..॥


जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।

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अस्वीकरण: कृपया ध्यान दें कि लेख में उल्लिखित टिप्स/सुझाव केवल सामान्य जानकारी है जो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं ताकि आपको उस मुद्दे के बारे में अपडेट रखा जा सके जो कि आम लोगों से अपेक्षित है. आपसे निवेदन है कि कृपया इन सुझावो को  पेशेवर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए तथा अगर आपके पास इन विषयों से सम्बंधित कोई विशिष्ट प्रश्न हैं तो हमेशा सम्बंधित एक्सपर्ट से अवश्य परामर्श करें।

Daily Current Affairs march 22 Complete GK Dose



मिजोरम ने किया एंथुरियम फूलों का निर्यात 

  • मिजोरम के बागवानी विभाग के सहयोग से आइजोल (मिजोरम) से सिंगापुर के लिए एंथुरियम फूलों की पहली खेप को सफलतापूर्वक रवाना किया।
  • 50 नालीदार बक्सों में पैक किए गए 1,024 एंथुरियम फूलों (वजन 70 किलोग्राम) वाली इस खेप को आईवीसी एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड ने आइजोल, मिजोरम से कोलकाता के रास्ते सिंगापुर भेजा। 
  • एंथुरियम मिज़ोरम में उगाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण फूलों में से एक है, जो स्थानीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर महिलाओं सहित किसानों को लाभ पहुंचाता है।
  • वित्त वर्ष 2023-2024 में भारत का पुष्प उत्पादन निर्यात 86.62 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
भारत-इटली सैन्य सहयोग समूह (एमसीजी) की 13वीं बैठक रोम में

  • भारत-इटली सैन्य सहयोग समूह (एमसीजी) की 13 वीं बैठक 20-21 मार्च 2025 को, इटली की राजधानी रोम में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। 
देश की एक अरब टन कोयला उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि 

  • भारत ने कोयला उत्पादन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 20 मार्च, 2025 को एक बिलियन टन (बीटी) को पार कर गया।
  • कोयला क्षेत्र की सफलता का श्रेय कोयला क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू), निजी क्षेत्र के दिग्गजों और 350 से अधिक कोयला खदानों में कार्यरत लगभग 5 लाख खदान श्रमिकों के अथक प्रयासों को जाता है।
  • भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकता के लगभग 55 प्रतिशत के लिए कोयले पर निर्भर है,
  • देश की लगभग 74 प्रतिशत बिजली कोयला आधारित बिजली संयंत्रों द्वारा उत्पन्न की जाती है।

गुड़ की खेप को बांग्लादेश को निर्यात

  • मुजफ्फरनगर से 30 मीट्रिक टन (एमटी) जीआई-टैग वाले गुड़ की खेप को बांग्लादेश को निर्यात के लिए रवाना किया गया।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना: युवाओं का सशक्तिकरण, एक सक्षम करियर


भारत जनसांख्यिकीय लाभांश के मुहाने पर खड़ा है, जहां युवा आबादी देश की प्रगति को गति देने को तैयार है। इस क्षमता को पहचानते हुए, भारत सरकार ने 3 अक्टूबर, 2024 को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) शुरू की। इस दूरदर्शी पहल का उद्देश्य अगले पांच वर्ष में एक करोड़ युवा भारतीयों को देश की शीर्ष कंपनियों में 12-महीने का सशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे अकादमिक शिक्षा और उद्योग की मांगों के बीच की दूरी को खत्म किया जा सके।

यह मंच अब एक सरलीकृत पीएमआईएस पोर्टल के साथ-साथ एक समर्पित मोबाइल ऐप भी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से जिले, राज्य, क्षेत्र और स्थान के दायरे के अनुसार अवसरों को फिल्टर कर सकते हैं। इसकी आउटरीच और उपलब्धता को सुदृढ़ करते हुए, वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 17 मार्च 2025 को आधिकारिक तौर पर पीएमआईएस के लिए समर्पित मोबाइल ऐप लॉन्च किया। उम्मीदवार ऐप के जरिए एक ही समय में तीन इंटर्नशिप के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। 

इसके अतिरिक्त, ऐप उपयोगकर्ताओं को कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए रेफरल कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति देता है। पंजीकृत उपयोगकर्ता अन्य योग्य उम्मीदवारों को रेफर कर सकते हैं और पुरस्कार पा सकते हैं। रेफरल कार्यक्रम पीएमआईएस वेब पोर्टल पर भी मौजूद है। पीएमआईएस ऐप इंटर्नशिप को और अधिक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे युवाओं को मूल्यवान अवसरों से आसानी से जुड़ने में मदद मिलेगी।

ऐप का लिंक- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mca.pm_internship

पायलट चरण में विस्तार - राउंड II (जनवरी-मार्च 2025)

राउंड I की सफलता के बाद, इंटर्नशिप पहल का राउंड II काफी हद तक बढ़ गया है, जिसमें सभी 735 जिलों में 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप की पेशकश की गई है, जिसमें 327 प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी है, जिसमें राउंड I से आगे की भूमिकाएं भी शामिल हैं। अवसर ऑटोमोबाइल, पर्यटन और आतिथ्य, बैंकिंग और वित्त, विनिर्माण, धातु और खनन, एफएमसीजी, और अन्य जैसे विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को पूरा करते हैं।


राउंड II के लिए इंटर्नशिप आवेदन खिड़की 31 मार्च, 2025 तक खुली है। पात्र उम्मीदवार नए मोबाइल ऐप या https://pminternship.mca.gov.in/ पर उपलब्ध पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

इंटर्नशिप भूमिकाएं:

  • स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, आदि) के लिए 37,000
  • आईटीआई धारकों के लिए 23,000
  • डिप्लोमा धारकों के लिए 18,000
  • 12वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 15,000
  • 10वीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 25,000


उद्योग में भागीदारी: भागीदार कंपनियों की सूची

पीएमआईएस कृषि, ऑटोमोटिव, विमानन और रक्षा, बैंकिंग और वित्त सेवाएं, सीमेंट और निर्माण सामग्री, रासायनिक उद्योग, परामर्श सेवाएं, विविध समूह, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी), रत्न एवं आभूषण, स्वास्थ्य सेवा, आवास, बुनियादी ढांचा और निर्माण, आईटी और सॉफ्टवेयर विकास, चमड़ा और उत्पाद, विनिर्माण और औद्योगिक, मीडिया, मनोरंजन और शिक्षा, धातु और खनन, तेल, गैस और ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, खुदरा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, खेल, दूरसंचार, कपड़ा विनिर्माण, पर्यटन और आतिथ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष कंपनियों के साथ भागीदारी का दावा करता है। यह सहयोग सुनिश्चित करता है कि प्रशिक्षु अग्रणी कंपनियों में मूल्यवान एक्सपोजर और अनुभव प्राप्त करें।

कंपनियों की पूरी सूची 

(श्रोत PIB)

कैच द रेन - 2025: विश्व जल दिवस 22 मार्च- जानें क्या है जल शक्ति अभियान


विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है जिसका मुख्य उदेशय लोगों को पानी के महत्व और इसकी कमी से निपटने के लिए आम लोगों की बीच जागरूकता पैदा करना है। वर्ष 1993 से हर साल इसे मनाया जाता है और प्रत्येक साल इसका थीम अलग-अलग विषयों और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है। 
थीम 2025 : जल संचयन जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर

आज 22 मार्च 2025 को विश्व जल दिवस है और इस अवसर पर कैच द रेन - 2025 कार्यक्रम का आरंभ किया जा रहा है। जल शक्ति मंत्रालय, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से 22 मार्च 2025 को विश्व जल दिवस पर बहुप्रतीक्षित जल शक्ति अभियान: कैच द रेन - 2025 का शुभारंभ करने जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा के पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी और नवीन रणनीतियों के माध्यम से जल संरक्षण और प्रबंधन पर बल देना है।

"जल संचयन जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर" की थीम वाला यह अभियान जलवायु परिवर्तन और बढ़ती जल चुनौतियों के मद्देनजर जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के महत्व को रेखांकित करता है। यह पहल देश भर के 148 जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे जल संसाधनों के स्थायी प्रबंधन को सुनिश्चित करने में सरकारी एजेंसियों, समुदायों और हितधारकों के बीच अधिक तालमेल को बढ़ावा मिलेगा।

इस कार्यक्रम में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, माननीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, माननीय सिंचाई और जल संसाधन मंत्री, हरियाणा सहित कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:

जल संरक्षण पर कलात्मक अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करने वाली एक पेंटिंग और मूर्तिकला प्रदर्शनी का लोकार्पण।

नदियों, झरनों और जंगलों के बीच पारिस्थितिक संबंध को मजबूत करने वाले ‘जल-जंगल-जन: एक प्राकृतिक बंधन अभियान’ का शुभारंभ।

वैज्ञानिक जल संसाधन प्रबंधन में सहायता करने वाली ‘मुख्यमंत्री जल संचय योजना’ और हरियाणा के लिए जल संसाधन एटलस का ई-लॉन्च।

जल संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रगतिशील किसानों, महिलाओं, जल उपयोगकर्ता संघों (डब्ल्यूयूए), उद्योगों और गैर सरकारी संगठनों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार समारोह।

हरियाणा में सामुदायिक स्वच्छता परिसर, तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, गोबरधन परियोजना और एक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शेड सहित अभिनव जल प्रबंधन परियोजनाओं का अनावरण।

उद्देश्य

जल शक्ति अभियान: कैच द रेन - 2025 का उद्देश्य जल संरक्षण के लिए राष्ट्रव्यापी जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देना है, जिससे ‘हर बूंद अनमोल’ के सपने को साकार किया जा सके। अभियान सभी नागरिकों से अभिनव समाधानों और जमीनी स्तर की भागीदारी के माध्यम से भारत के जल भविष्य को सुरक्षित करने में मिलकर काम करने का आह्वान करता है।

75 वेटलैंड बर्ड्स सैंक्चुअरी : रामसर स्‍थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि जुड़ीं, पाएं विस्तृत जानकारी


Wetlands Birds Sanctuaries Ramsar List

एक और जहाँ देश स्वतंत्रता के 75वें वर्ष  मना रहा है ऐसे में भारत के लिए  और  उपलब्धि हासिल हुई है जहाँ 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्‍थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि शामिल हो गई हैं। 11 नए स्‍थलों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र प्रत्‍येक में एक (1) शामिल हैं। 

भारत में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्‍थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि शामिल हो गई हैं।

11 नए स्‍थलों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र प्रत्‍येक में एक (1) शामिल हैं। इन स्थलों को नामित करने से इन आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन तथा इनके संसाधनों के कौशलपूर्ण रूप से उपयोग करने में सहायता मिलेगी।

1971 में ईरान के रामसर में रामसर संधि पत्र पर हस्ताक्षर के अनुबंध करने वाले पक्षों में से भारत एक है। भारत ने 1 फरवरी, 1982 को इस पर हस्ताक्षर किए। 1982 से 2013 के दौरान, रामसर स्‍थलों की सूची में कुल 26 स्‍थलों को जोड़ा गया, हालांकि, इस दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर स्थलों की सूची में 49 नई आर्द्रभूमि जोड़ी हैं।

इस वर्ष (2022) के दौरान ही कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र में अंकित स्‍थल की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) के लिए 19 स्‍थल और पिछले वर्ष (2021) के लिए 14 स्‍थल हैं।

तमिलनाडु में अधिकतम संख्या है। रामसर स्थलों की संख्या (14), इसके पश्‍चात उत्‍तर प्रदेश में रामसर के 10 स्थल हैं। 

रामसर स्थलों के रूप में नामित 11 आर्द्रभूमियों का संक्षिप्त विवरण
आद्रभूमि का नाम-राज्‍य
  1. तंपारा झील-ओडिशा
  2. हीराकुंड जलाशय-ओडिशा
  3. अंशुपा झील-ओडिशा
  4. यशवंत सागर-मध्‍य प्रदेश
  5. चित्रांगुडी पक्षी अभ्यारण्य-तमिलनाडु
  6. सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स-तमिलनाडु
  7. वडुवूर पक्षी अभयारण्य-तमिलनाडु
  8. कांजीरकुलम पक्षी अभयारण्य-तमिलनाडु
  9. ठाणे क्रीक-महाराष्‍ट्र
  10. हाइगम वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व-जम्‍मू और कश्‍मीर
  11. शालबुग वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व-जम्‍मू और कश्‍मीर