- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री महामहिम श्री जोनास गहर स्टोर ने कब भारत और नॉर्वे के बीच वर्तमान व्यापार के मूल्य को दोगुना करने के लक्ष्य रखा है-वर्ष 2030 तक
- प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नॉर्वे को जून 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले 'भारत इनोवेट्स 2026' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
- दोनों नेताओं ने पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी तौर-तरीकों की पुष्टि करते हुए, आर्कटिक में ध्रुवीय अनुसंधान और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस से सम्मनित किया गया.
- श्री वीडी सतीशन को केरलम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई.
Top 20 Daily Current Affairs वन लाइनर May 19 , 2026
प्रधानमंत्री मोदी हुए रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस से सम्मनित: देखें अब तक मिले 32 पुरस्कारों की लिस्ट
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि तब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम हुआ जब उन्हें 'द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम ने आज ओस्लो में आयोजित एक विशेष समारोह में 'द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को प्रदान किया जाने वाला यह पुरस्कार नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान नॉर्वे तथा मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में इस सम्मान के लिए नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम और नॉर्वे की जनता के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने इस पुरस्कार को भारत और नॉर्वे के बीच ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित करते हुए इसे भारत और नॉर्वे की जनता के बीच साझा की गई अटूट गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह के प्रति श्रद्धांजलि बताया।
यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मौजूद सद्भावना के गहरे बंधन का प्रतीक है और भविष्य में उनकी मित्रता तथा सहयोग की यात्रा का मार्गदर्शन करेगा।
अब तक 32वां सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 32 देशों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. एक दिन पहले ही स्वीडन ने भी पीएम मोदी अपने सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया था.
| Order of Abdulaziz Al Saud | ऑर्डर ऑफ अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद | Saudi Arabia / सऊदी अरब | 2016 |
| State Order of Ghazi Amir Amanullah Khan | गाज़ी अमीर अमानुल्लाह खान सम्मान | Afghanistan / अफगानिस्तान | 2016 |
| Grand Collar of the State of Palestine | ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन | Palestine / फिलिस्तीन | 2018 |
| Champions of the Earth Award | चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड | United Nations / संयुक्त राष्ट्र | 2018 |
| Seoul Peace Prize | सियोल शांति पुरस्कार | South Korea / दक्षिण कोरिया | 2018 |
| Order of Zayed | ऑर्डर ऑफ ज़ायेद | United Arab Emirates / यूएई | 2019 |
| Order of St. Andrew the Apostle | ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू | Russia / रूस | 2019 |
| Order of the Distinguished Rule of Nishan Izzuddin | निशान इज़्ज़ुद्दीन सम्मान | Maldives / मालदीव | 2019 |
| King Hamad Order of the Renaissance | किंग हमाद ऑर्डर ऑफ रेनैसांस | Bahrain / बहरीन | 2019 |
| Global Goalkeeper Award | ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड | Bill & Melinda Gates Foundation | 2019 |
| Legion of Merit | लीजन ऑफ मेरिट | United States / अमेरिका | 2020 |
| Ig Nobel Prize (Parody) | इग नोबेल पुरस्कार | International / अंतरराष्ट्रीय | 2020 |
| Order of the Druk Gyalpo | ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो | Bhutan / भूटान | 2021 |
| Companion of the Order of Fiji | कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी | Fiji / फिजी | 2023 |
| Grand Companion of the Order of Logohu | ग्रैंड कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू | Papua New Guinea / पापुआ न्यू गिनी | 2023 |
| Ebakl Award | एबाक्ल अवॉर्ड | Palau / पलाऊ | 2023 |
| Order of the Nile | ऑर्डर ऑफ द नाइल | Egypt / मिस्र | 2023 |
| Grand Cross of the Legion of Honour | ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर | France / फ्रांस | 2023 |
| Grand Cross of the Order of Honour | ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर | Greece / ग्रीस | 2023 |
| Dominica Award of Honour | डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर | Dominica / डोमिनिका | 2024 |
| Grand Commander of the Order of the Niger | ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर | Nigeria / नाइजीरिया | 2024 |
| The Order of Excellence | द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस | Guyana / गुयाना | 2024 |
| Honorary Order of Freedom of Barbados | ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस | Barbados / बारबाडोस | 2024 |
| Order of Mubarak Al-Kabeer | ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर | Kuwait / कुवैत | 2024 |
| Grand Commander of the Order of the Star and Key of the Indian Ocean | स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन सम्मान | Mauritius / मॉरीशस | 2025 |
| Sri Lanka Mitra Vibhushana | श्रीलंका मित्र विभूषण | Sri Lanka / श्रीलंका | 2025 |
| Grand Cross of the Order of Makarios III | ऑर्डर ऑफ माकारियोस तृतीय | Cyprus / साइप्रस | 2025 |
| Officer of the Order of the Star of Ghana | स्टार ऑफ घाना सम्मान | Ghana / घाना | 2025 |
| Grand Collar of the National Order of the Southern Cross | नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस | Brazil / ब्राज़ील | 2025 |
| Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit | रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट | Norway / नॉर्वे | 2026 |
| Sweden’s Highest Civilian Honour | स्वीडन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान | Sweden / स्वीडन | 2026 |
| Additional International Diplomatic Honours & City Keys | अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं सिटी कीज़ | Various Countries / विभिन्न देश | Various |
चाणक्य नीति :जानें किन तीन चीजों के पास में होना हीं पुरुषों के स्वर्ग के समान है यह धरती
चाणक्य या कौटिल्य के विचार आज भी उतने हीं प्रासंगिक है जितने चाणक्य के काल में थे. नन्द वंश को समूल नाश करने धरती को वास्तविक राजा देने की शपथ खाने वाले चाणक्य किसी परिचय की मोहताज नहीं है. उन्होंने धरती को वास्तविक राजा देने के लिए काफी खोज किया और चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाकर मौर्य वंश की स्थापना किया। चाणक्य वास्तव में विद्वान थें जिनकी पुस्तक अर्थशास्त्र जिसका आजतक मूल्याङ्कन नहीं किया जा सका है.
उन्हीं लिखित उक्त श्लोक के बारे में हम यहाँ चर्चा कर रहें हैं जो वास्तव में किसी भी पुरुष की सम्पूर्णता के लिए चाणक्य ने बताया है.
यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी ।
विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि ॥
उक्त श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य ने किसी भी पुरुष के जीवन में पुत्र, पत्नी और धन के महत्त्व पर प्रकाश डाला है. लेकिन चाणक्य ने बताया है कि पुरुष के जीवन में सिर्फ पुत्र, पत्नी और धन का होना हीं उसके सुखद जीवन की गारंटी बिलकुल नहीं है. उनका कहना है कि बेटा आज्ञाकारी हो तथा पत्नी पति के अनुकूल आचरण करने वाली हो तभी उनके होने की सार्थकता है. इसके साथ हीं पत्नी पतिव्रता हो एवं जो प्राप्त धन से ही सन्तुष्ट हो, ऐसे व्यक्ति के लिए स्वर्ग यहीं है, यह जानना चाहिए।
आचार्य चाणक्य के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को सुखी जीवन के लिए तीन प्रमुख बातों का ध्यान रखना चाहिए या ये तीन चीजें होनी चाहिए:
संस्कारी संतान: यदि पुत्र आज्ञाकारी हो, माता-पिता की बात मानता हो और सही मार्ग पर चलता हो, तो परिवार में कभी क्लेश नहीं होता।
समर्पित पत्नी: यदि पत्नी पति की भावनाओं को समझने वाली, सुख-दुःख में साथ देने वाली और अनुकूल आचरण करने वाली हो, तो गृहस्थ जीवन बेहद आनंदित रहता है।
संतोषी मन: मनुष्य को अपने कर्म से प्राप्त धन (वैभव) पर संतोष करना चाहिए। अत्यधिक लालच और असंतोष ही मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण होते हैं।
दिल्ली: अनधिकृत कॉलोनियों का ‘जहां है, जैसा है’ के आधार पर नियमितीकरण, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
उन्होंने कहा कि इससे न केवल कानूनी स्वामित्व प्राप्त होगा बल्कि नागरिकों को एमसीडी के मानदंडों के अनुसार अपने घरों का निर्माण या पुनर्निर्माण करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने यह भी कहा कि ये परिवर्तनकारी कदम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सुनियोजित और समावेशी शहरी विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार शहर का निर्माण करते हुए विरासत संबंधी मुद्दों का समाधान करना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने उन परिवारों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को समझा है, जो अपने घरों में रहने के बावजूद कानूनी अधिकारों से वंचित हैं। इसी संवेदनशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण ने पीएम-उदय योजना का मार्ग प्रशस्त किया और आज 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 का नियमितीकरण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण आज दिल्ली के 45 लाख लोगों के जीवन में राहत, सम्मान और अधिकारों का एक नया अध्याय जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए एक सुनियोजित समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत 7 दिनों के भीतर जीआईएस सर्वेक्षण, 15 दिनों के भीतर आवेदन में मौजूद कमियों का निवारण और 45 दिनों के भीतर हस्तांतरण विलेख जारी किया जाएगा।
अनधिकृत कॉलोनियां – पीएम-उदय
अक्टूबर 2019 में, केंद्र सरकार ने "दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (अवैध बस्तियों में रहने वालों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) विनियम, 2019" को अधिसूचित किया। इसके अनुसरण में, प्रधानमंत्री - दिल्ली में अनधिकृत बस्तियां आवास अधिकार योजना (पीएम-उदय) 29.10.2019 को शुरू की गई।
इन विनियमों के तहत, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए), बिक्री समझौता, भुगतान और कब्जा दस्तावेजों के आधार पर 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों (जो 2019 के विनियमों के तहत बाहर नहीं हैं) के निवासियों को स्वामित्व/हस्तांतरण/गिरवी अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं।
जिन कॉलोनियों को अपवादों के अंतर्गत रखा गया है—जहां कोई अधिकार प्रदान नहीं किए जाएंगे—उनमें आरक्षित/अधिसूचित वन, प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र, जोन-ओ (यमुना बाढ़ का मैदान), सड़कों का मार्ग, हाई टेंशन लाइनें, दिल्ली के पहाड़ी क्षेत्र, या किसी भी कानून के अंतर्गत संरक्षित भूमि पर स्थित कॉलोनियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 69 समृद्ध अनधिकृत कॉलोनियां भी अपवादों के अंतर्गत आती हैं।
सरकारी भूमि पर निर्मित संपत्तियों के लिए हस्तांतरण विलेख (सीडी) जारी किए जाते हैं, और निजी भूमि पर संपत्तियों के लिए अधिकार पर्ची (एएस) जारी की जाती हैं।
पीएम-उदय कार्यक्रम वर्तमान में डीडीए द्वारा प्रबंधित एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जहां आवेदन जमा करने और उनकी प्रक्रिया करने की सुविधा उपलब्ध है।
31.03.2026 तक, पीएम-उदय के तहत लगभग 40,000 हस्तांतरण विलेख / अधिकार पर्ची जारी की जा चुकी हैं।
योजना के प्रति अपेक्षाकृत कम रूचि को लेकर की जांच की गई है। यह देखा गया है कि संपत्ति हस्तांतरण विलेख/अधिकार पर्ची जारी होने के बाद भी, अनुमोदित लेआउट योजनाओं के अभाव में निवासी भवन निर्माण योजनाओं को स्वीकृत कराने या मौजूदा संरचनाओं को नियमित करने में असमर्थ हैं। ये लेआउट योजनाएं आवासीय प्राधिकरणों द्वारा तैयार की जानी थीं और एमसीडी द्वारा अनुमोदित की जानी थीं।
इन अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण
2019 के विनियमों में लेआउट योजनाओं की मंजूरी के बाद इन कॉलोनियों को "जहां है, जैसा है" आधार पर नियमित करने की परिकल्पना भी की गई है। हालांकि, अनुमोदित लेआउट योजनाओं का अभाव एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
लेआउट योजनाओं और भवन योजनाओं की मंजूरी के बिना, अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को शहरीकरण की मुख्यधारा में लाने का उद्देश्य पूरी तरह से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। हालांकि पीएम-उदय योजना स्वामित्व अधिकार प्रदान करती है, लेकिन इससे निवासी स्वतः ही भवन योजना अनुमोदन के लिए पात्र नहीं हो जाते।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा लिए गए निर्णय
इन समस्याओं के समाधान के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं:
• 1511 अनधिकृत कॉलोनियों (1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से) को अनुमोदित लेआउट योजनाओं की आवश्यकता के बिना "जहां है, जैसा है" के आधार पर नियमित किया जाएगा, जो अपवर्जन मानदंडों के अंतर्गत नहीं आती हैं।
• इन कॉलोनियों में सभी भूखंडों और भवनों का भूमि उपयोग आवासीय माना जाएगा।
• 20 वर्ग मीटर तक के सुविधा स्टोरों को नियमित किया जाएगा यदि उन्हें 6 मीटर का मार्ग उपलब्ध हो। 10 वर्ग मीटर तक के स्टोरों के लिए आवश्यक मार्ग की चौड़ाई 6 मीटर से कम हो सकती है।
• नियमितीकरण मौजूदा निर्मित संरचनाओं पर "जैसा है, जहां है" के आधार पर लागू होगा।
• अनुमोदित लेआउट योजनाओं का अभाव नियमितीकरण में बाधा नहीं बनेगा।
• एमसीडी/स्थानीय निकाय नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी करेंगे, खाली भूखंडों का सर्वेक्षण करेंगे और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सहायता करेंगे।
• राष्ट्रीय राज्य राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) का राजस्व विभाग पात्र निवासियों को हस्तांतरण विलेख/अधिकार पर्ची जारी करेगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रक्रिया
- आवेदक एमसीडी स्वगम पोर्टल ( https://mcdonline.nic.in/swagam ) पर लॉग इन करेंगे।
- अनधिकृत कॉलोनी (पात्र 1511 कॉलोनियों में से) का नाम चुनें; वार्ड और जोन स्वतः भर जाएंगे।
- चुनें कि क्या पीएम-यूडीएवाई केस आईडी मौजूद है (हां/नहीं)।
- यदि नहीं → पीएम-उदय पोर्टल पर रिडायरेक्ट किया गया।
- यदि हां → केस आईडी दर्ज करें:
- यदि सीडी/एएस जारी किया गया है → आवेदन पत्र खुल जाएगा।
- यदि जारी नहीं किया गया है → स्थिति जानने के लिए पीएम-उदय पोर्टल पर रिडायरेक्ट किया गया।
- राजस्व विभाग/जीएनसीटीडी द्वारा डीडीए के सहयोग से आवेदनों की प्रक्रिया और सीडी/एएस जारी करना।
- जारी की गई सीडी/एएस को स्वगम पोर्टल के माध्यम से एमसीडी को भेजा जाता है।
नजरिया जीने का: जीवन के मूल्यों के प्रतीक हैं शिव, सीखें जीवन की ये महत्वपूर्ण बातें
नजरिया जीने का : अपनों की कीमत को पहचाने, घृणा, लालच और उपेक्षा से नहीं करें संबंधों की हत्या
नजरिया जीने का : हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम कुछ अपने गलत आदतों या मानवीय दुष्कृतियों जैसे लोभ, लालच, द्वेष आदि के कारण उन अपनों से मुँह मोड़ लेना जिनके बगैर कभी हम जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे. आये दिन आप यह पढ़ते हैं कि छोटे-छोटे विवादों में भाई न भाई पर आघात किया, क्या इसे प्रासंगिक कही ना सकती है. वही दोनों भाई जब छोटे होते हैं तो एक के बगैर दूसरा नहीं रह पाता लेकिन घृणा, लालच और उपेक्षा जब दोनों के बीच में आ जाती है तो एक दूसरे के वे शत्रु बन जाते हैं वह भी तब जब वे समझदार हो जाते हैं. क्या यही है हमारी शिक्षा और नैतिकता की चरम स्थिति.
Point Of View : पढ़ें और भी...
रिश्ते खास हैं, इन्हे अंकुरित करें प्रेम से, जिंदा रखें संवाद से और दूर रखें गलतफहमियों से
जाने क्या कहते हैं ये हस्तियां नागरिक विश्वास और समावेशी विकास के सन्दर्भ में
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स्व-अनुशासन के महत्त्व :को समझे और जीवन को बनाएं सार्थक
रखें खुद पर भरोसा,आपकी जीत को कोई ताकत हार में नहीं बदल सकती
नजरिया जीने का: प्रेम में समर्पण की मौन भाषा को जानना भी जरूरी है
स्पर्श की कोमलता को, हम जानते हैं बाद में,
हृदय के गहरे संबंधों को पहले जानना भी जरूरी है।हाँ, नि: शब्द तो होता है प्रेम, लेकिनसमर्पण की मौन भाषा को जानना भी जरूरी है।यह विश्वास हीं तो है, जो लाती है करीब हमें,फिर भी, सहमति की हद भी जानना जरूरी है।हाँ, सच्चा प्रेम बिल्कुल निःस्वार्थ हीं होता है।पर अपेक्षा की सीमा का जानना भी जरूरी है।भावनाओं की गहराई में उतरना तो प्रेम है, पर,मौन वार्तालाप की संवेदना को जानना भी जरूरी है।
शेखा झील पक्षी अभयारण्य बना भारत का 99वाँ रामसर स्थल: जानें खास बातें
श्री भूपेंद्र यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी देते हुए लिखा- “उत्तर प्रदेश ने देशभर के इस आंकड़ें को 99 तक ले जाने का श्रेय प्राप्त कर लिया है! शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) को रामसर स्थल घोषित करते हुए मुझे बेहद प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।” उन्होंने कहा कि इस घोषणा से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और यह “भारत की 99वीं वर्षगांठ” का प्रतीक है, जो हमें ऐतिहासिक शताब्दी के और निकट ले जाता है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्विकसित करने अभियान के अंतर्गत आर्द्रभूमि और पशुओं, विशेष रूप से पक्षियों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को वैश्विक समुदाय से एक बार फिर सराहना मिली है।"
इस स्थल के पारिस्थितिक महत्व का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि शेखा झील मध्य एशियाई फ्लाईवे पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो सर्दियों के मौसम में हंस, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावास प्रदान करती है। मंत्री महोदय ने लोगों को इस स्थल का भ्रमण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
आधार ऑफलाइन सत्यापन में शामिल हुए ये 100 नए संगठन, पढ़ें विस्तार से
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में तीन महीनों के भीतर कम से कम सौ संगठन ओवीएसई के रूप में पंजीकृत हुए हैं। यह उपलब्धि आधार ऑफलाइन तंत्र के माध्यम से सुरक्षित, सहमति-आधारित और कागज रहित सत्यापन को सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम है – जिसके माध्यम से सेवा प्रदाताओं और आम जनता दोनों को समान रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
जानें कैसे करें अपने महंगे फर्नीचर की देखभाल: एक्सपर्ट टिप्स
नजरिया जीने का: भगवन राम की चरित्र की पांच विशेषताएं जो मर्यादा पुरुषोत्तम बनाती है
भगवान राम के चरित्र की ये महिमाएं हमें जीवन में सत्य, धर्म, दया, वीरता और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
सत्य:
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सत्य के पुजारी थे। उन्होंने अपने जीवन में चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, उन्होंने झूठ कभी नहीं बोलै। उन्होंने अपने पिता दशरथ के वचन का पालन करने के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया लेकिन पुत्र धर्म का त्याग नहीं किया।
धर्म:
भगवान राम धर्म के पालनकर्ता थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा धर्म के मार्ग पर चलने का प्रयास किया। भाईयों के लिए त्याग और समर्पण के लिए भी वे हमेशा तैयार रहे. उन्होंने सभी भाइयों के प्रति सगे भाई से बढ़कर त्याग और समर्पण का भाव रखा और स्नेह दिया। धर्म का पालन करना उन्होंने तब भी नहीं छोड़ा और उन्होंने रावण जैसे अत्याचारी का वध करके धर्म की रक्षा की।
दया:
भगवान राम दयालु और करुणावान थे। उन्होंने हमेशा दूसरों की मदद करने की कोशिश की। उन्होंने सुग्रीव और हनुमान जैसे अनेकों लोगों की मदद की। भगवान राम ने अपनी दयालुता के कारण उनकी सेना में पशु, मानव व दानव सभी थे और उन्होंने सभी को आगे बढ़ने का मौका दिया।
बेहतर प्रबंधक
भगवान राम न केवल कुशल प्रबंधक थे, बल्कि वे अपने सभी स्वजनों और सहकर्मियों को साथ लेकर चलने वाले थे। वे सभी को विकास का अवसर देते थे व उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते थे। सुग्रीव को राज्य, हनुमान, जाम्बवंत व नल-नील को भी उन्होंने समय-समय पर नेतृत्व करने का अधिकार दिया और इसी वजह से लंका जाने के लिए उन्होंने व उनकी सेना ने पत्थरों का सेतु बना लिया था।
नैतिकता:
भगवान राम नैतिकता के आदर्श थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा नैतिकता का पालन किया। उन्होंने रावण के साथ युद्ध करते समय भी उसके साथ नैतिकता का पालन किया।
भगवान श्रीराम के अनमोल वचन
- "सत्य ही धर्म है और धर्म ही परम तत्व है।"
- "मन पर विजय ही सच्ची विजय है।"
- "जो अपने वचन पर अडिग रहता है, वही सच्चा राजा होता है।"
- "धन और बल क्षणिक हैं, परंतु धर्म और सत्य शाश्वत हैं।"
- "जो अपने पिता की आज्ञा का पालन करता है, वही सच्चा पुत्र है।"
- "दया, क्षमा और नम्रता ही मानव की सबसे बड़ी शक्तियाँ हैं।"
- "संकट में धैर्य न छोड़ना ही वीरता है।"
- "अहंकार विनाश का कारण है। विनम्रता ही सच्चा बल है।"
- "जो धर्म के मार्ग पर चलता है, वही सच्चा विजयी होता है।"
- "शत्रु पर विजय से पहले अपने भीतर के विकारों पर विजय आवश्यक है।"
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उन्होंने कहा कि केवल पाँच से 18 प्रतिशत कर स्लैब देश के लोगों के हित में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री कई मौकों पर राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं और नोटबंदी, मिशन शक्ति, अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, लॉकडाउन की घोषणा, टीकाकरण अपडेट आदि सहित कई सुधारों/जानकारियों का खुलासा कर चुके हैं।
निःसंदेह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन एक महत्वपूर्ण घटना है जो न केवल भारत के लोगों का, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अब तक दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधनों के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं-
- नोटबंदी - 8 नवंबर, 2016
- मिशन शक्ति - 27 मार्च, 2019
- अनुच्छेद 370 का निरसन - अगस्त 2019
- कोविड महामारी 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज - 12 मई, 2020-21
- लॉकडाउन की घोषणा 30 जून, 2020
- टीकाकरण अपडेट 07 जून, 2021
- तीन कृषि कानूनों का निरसन - 19 नवंबर, 2021
- ऑपरेशन सिंदूर, 12 मई, 2025
- जीएसटी सुधार बचत उत्सव - 21 सितंबर, 2025










